Parishkar International College
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परिष्कार इंस्टीट्यूट आॅफ एज्यूकेशन (PIE) को ही क्यों चुने?

  • PIE के आधारभूत मूल्यों में ईमानदारी, मेहनत, सद्भाव, नवाचार (Innovative) सृजनशीलता (Creativity) और व्यवहारशीलता ( Applicability करके देखनाद्ध एवं कौशल-विकास (जो अभ्यास से विकसित होता है) शामिल हैं। ये गुण न केवल एक अच्छे शिक्षक में होने चाहिए बल्कि एक अच्छे इंसान के लिए भी आवश्यक है इस प्रकार PIE अच्छे इंसान को तराशने का काम करता है।

  • हमारा विश्वास है कि एक अच्छा शिक्षक बनना दुनिया के महान कार्यों में से एक है।


  • PIE में सरकार द्वारा निर्धारित शिक्षण शुल्क के अलावा कोई और शुल्क नहीं लिया जाता। काॅलेज में उपस्थित न होने के बदले लिए जानेवाले धन का तो यहाँ सोच भी नहीं है, इसलिए यहाँ के लिए वे विद्यार्थी ही आवेदन करें जो कक्षाओं में नियमित रहना चाहते हैं। यहाँ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार 75% उपस्थिति अनिवार्य है और यह उपस्थिति ही यहाँ के शिक्षक-विद्यार्थियों में अच्छे गुणों का, योग्यताओं एवं कौशलों का विकास करती है। अब यहाँ वे विद्यार्थी ही प्रवेश लेते हैं जिन्हें अपने जीवन में कुछ बनना है।
  • परिष्कार इंस्टीट्यूट आॅफ एजूकेशन में पढ़नेवाले विद्यार्थियों में तीन प्रकार की विशिष्ट योग्यताएँ विकसित होती है।
    1. परिष्कार इंस्टीट्यूट आॅफ़ एज्यूकेशन में शिक्षण का स्तर इतना अच्छा है कि यहाँ से डिग्री लेनेवाले विद्यार्थी आगामी प्रतियोगिता परीक्षाओं में सहजता से सफल हो जाते हैं और सरकारी नौकरी प्राप्त कर लेते हैं।
    2. परिष्कार के विद्यार्थियों में शिक्षा के विषयों के ज्ञान के साथ-साथ उत्कृष्ट शिक्षक के गुणों का विकास भी होता है, जैसे - उनमें आत्मविश्वास, स्वाध्याय की प्रवृत्ति, अच्छी भाषा विद्यार्थियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाना, सुसंस्कृत व्यवहार आदि विकसित होते हैं जिनके कारण वह सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालय में अच्छे शिक्षक के रूप में कार्य कर सकता है। यहाँ के विद्यार्थी अच्छे शिक्षकों के रूप में कार्य कर रहे हैं।
    3. परिष्कार में कक्षाएँ व्याख्यान आधारित न होकर विद्यार्थी-केंद्रित पद्धति से होती हैं जिनमें विद्यार्थियों की रूचि, योग्यता एवं सक्रियता का ध्यान रख जाता है। समूह-चर्चाएँ, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पेपर प्रेजेंटेशन, जूनियर कक्षा को पढ़ाना, पाठ-योजना तैयार करके विद्यार्थियों को पढ़ाना, नृत्य, संगीत, चित्रकला, खेलकूद आदि से अपने व्यक्तित्व को रोचक बनाना आदि वे ऐसे तरीके हैं जिनसे यहाँ का विद्यार्थी विचारशील और अभिव्यक्ति-कुशल बन जाता है जो उसके व्यक्तित्व को जीवन-भर प्रभावी बनाता है और वह आनंदमय बनता है चाहे वह जीवन में कुछ भी कार्य करे। इसलिए परिष्कार से बी.एड. की डिग्री अपने-आपमें विशिष्ट है।